ब्लोगवाणी बंदी घटना के बाद बहुत से विकल्पों पर ध्यान देने के क्रम में ये सोचा गया कि क्यों न एक अपना ही एग्रीगेटर तैयार कर लिया जाए ..वैसे ऐसा सोचने वाला मैं पहला नहीं हूं बल्कि इससे पहले ...डा. अमर कुमार जी और ज्ञान दत्त पांडे जी ऐसे ही ऐग्रीगेटर तैयार कर चुके हैं और सबसे परिचय भी करवा चुके हैं । अभी मेरा ऐग्रीगेटर शिशु के रूप में है जल्दी ही धीरे धीरे बडा होने के राह पर है ..अंदाजन कम से कम एक हजार ब्लोग्स को अगले एक माह में समेटने की योजना है ..देखिये क्या होता है आगे ॥